सबसे मुश्किल काम, सबसे पहले!

हर दिन की योजना पहले से बना लें

योजना बनाने का मतलब भविष्य को वर्तमान में लाना है. ताकि आप उसके बारे में इसी वक्त कुछ कर सकें।
लेकीन पने यह पुराना मज़ेदार सवाल सुना होगा, “आप हाथी को कैसे खा सकते हैं ?” जवाब है, “एक बार में एक-एक निवाला!”
अब बताएँ, आप अपने सबसे बड़े, सबसे बदसूरत मेंढक को कैसे निगलेंगे? उसी तरह। आप उसे क़दम-दर-कदम निश्चित
गतिविधियों में बाँट लेते हैं, और इसके बाद पहले क़दम से शुरू करते हैं।सबसे मुश्किल काम सबसे पहले!


टालमटोल छोड़ने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए विचार करने, योजना बनाने व निर्णय लेने की मानसिक क्षमता सबसे शक्तिशाली साधन है। लक्ष्य तय करने, योजना बनाने और उस पर अमल करने की काबिलियत से ही आपकी ज़िंदगी की दिशा तय होती है। इससे आपकी मानसिक शक्तियों का ताला खुल जाता है, रचनात्मकता प्रेरित होती है और मानसिक व शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है।

पर पूरी तरह सोच-विचार किए बिना काम करना समस्या का मूल स्रोत है।”

काम करने से पहले अच्छी योजना बनाने की योग्य आपकी सकल क्षमता का पैमाना है। आपकी योजना जिला बेहतर होगी. टालमटोल से उबरना, शुरुआत करना, अपन मेंढक निगलना और फिर आगे बढ़ना उतना ही आसान होगा

किसी भी काम में आपका एक प्रमुख लक्ष्य यह होना चार कि अपनी मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक ऊर्जा सर्वाधिक संभावित लाभ (return onenergy) पाएँ। अच्छी खबर यह है कि योजना बनाने में लगा हर मिनट अमल के दस मिनट बचा सकता है। पूरे दिन की योजना बनाने में सिर्फ 10-12 मिनट का समय लगता है, लेकिन समय का यह छोटा सा निवेश आपके दो घंटे (100 से 120 मिनट) बचा लेगा, क्योंकि दिन भर आप यूँ ही वक्त बर्बाद नहीं करेंगे और निरर्थक काम नहीं करेंगे।
में
शायद आपने छह-पी वाला फ़ॉर्मूला सुना होगा : “समुचित पूर्व योजना खराब प्रदर्शन से बचाती है।” (Proper Prior Planning Prevents Poor Performance)
योजना से उत्पादकता और प्रदर्शन बढ़ाने में बहुत मदद मिलती है। हैरानी की बात यह है कि बहुत कम लोग ही हर दिन इसका अभ्यास करते हैं। वास्तव में योजना बनाना बहुत आसान होता है।