हर चीज़ एक साथ है सफलता

ख़ुशी संतुष्टि, महान सफलता, व्यक्तिगत शक्ति और नाकारिता की कुंजी यह है, कि हर दिन काम शुरू करते सबसे पहले अपना बात निगलने की आदत डालें।
सौभाग्य से, इस योग्यता को सीखा जा सकता है, और पास करके इसमें माहिर हुआ जा सकता है। और जब सबसे पहले अपना सबसे महत्वपूर्ण काम शुरू करने आदत डाल लेते हैं, तो आपकी सफलता तय है।
वहां टालमटोल छोड़ने और ज़्यादा तेज़ी से ज्यादा काम के इक्कीस बेहतरीन तरीक़ों का सार बताया जा रहा है। इन नियमों और सिद्धांतों की नियमित समीक्षा करते रहें। जब तक कि ये आपके दिमाग और कामों में दृढ़ता से जम न जाएँ। यक़ीन मानें, यह आपके सुखद भविष्य की गारंटी
1 दावत की मेज़ सजा लें : ठीक-ठीक तय करें कि आप क्या चाहते हैं। स्पष्टता अनिवार्य है। शुरू करने से पहले अपने लक्ष्य और उद्देश्य लिख लें।
2 हर दिन की योजना पहले से बना लें : कागज़ पर सोचें। योजना में लगाया गया हर मिनट अमल के पाँच-दस मिनट बचा सकता है।
३. परिणामों के लिए ज़िम्मेदार होती हैं। अपनी कोशिशों को हमेशा शीर्ष 20 प्रतिशत पर ही केंद्रित करें।
4 रचनात्मक टालमटोल का अभ्यास करें : चूंकि
आप हर चीज़ नहीं कर सकते, इसलिए आपको कम मूल्य के सभी कामों को जान-बूझकर टाल देना चाहिए, ताकि आपके पास उन चुनिंदा कामों को करने के लिए पर्याप्त समय रहे, जो सचमुच महत्वपूर्ण हैं।
5 एबीसीडीई तकनीक का लगातार इस्तेमाल करें : कामों की सूची पर काम शुरू करने से पहले उन्हें महत्व और प्राथमिकता के क्रम में जमा लें, ताकि यह सुनिश्चित हो जाए कि आप अपनी सबसे महत्वपूर्ण गतिविधियों पर ही काम करें।
सबसे बड़े अब पूरा कर लें।
6 प्रमुख परिणाम क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें :
उन परिणामों को पहचानें और तय करें, जिन्हें आपको अपना काम अच्छी तरह करने के लिए हर हाल में पाना ही है और फिर उन पर दिन भर

  1. तीन के नियम पर अमल करें: आप जो काम-धंधा करते हैं, उसकी तीन ऐसी चीज़ों को पहचानें जो आपके 90 प्रतिशत योगदान के लिए जिम्मेदार हैं। फिर बाकी किसी चीज़ से पहले उन्हें करने पर ध्यान केंद्रित करें। तब आपके पास अपने परिवार और निजी जिंदगी के लिए ज्यादा वक्त रहेगा।